Shree Jal

Shree Jal “SHREE JAL - A name of trust & value in the field of treated drinking water solutions , SHREE JAL has been delivering excellence in product and service.

“SHREE JAL - A name of trust & value in the field of treated drinking water solutions , SHREE JAL has been delivering excellence in product and service ever since it began operations in 2015 through its unparalleled workforce and cutting-edge technology”

आज महा शिवरात्रि के पावन दिवस पर तमाम शिवभक्तों को बधाई। सर्वशक्तिमान शिव आप सबों की सारी मनोकामना पूर्ण करें।आज के दिन ...
04/03/2019

आज महा शिवरात्रि के पावन दिवस पर तमाम शिवभक्तों को बधाई। सर्वशक्तिमान शिव आप सबों की सारी मनोकामना पूर्ण करें।

आज के दिन हमारे शाहकुण्ड पहाड़ पर अवस्थित बाबा गिरवर नाथ मंदिर में शिवरात्रि का भव्य आयोजन होता है। गिरवर नाथ सच्चे दिल से आराधने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।

आप तमाम शिवभक्तों से आग्रह है कि शाहकुण्ड पहाड़ पर अवस्थित सर्वशक्तिमान के मंदिर में शिव पूजन कर सौभाग्य प्राप्त करें।

श्री जल अपने सर्वशक्तिमान से सम्पूर्ण सृष्टि, सम्पूर्ण जगत कल्याण की कामना करता है। और आप सबों से पुनः आग्रह करता है कि बाबा गिरवर नाथ के पूजन -दर्शन कर पुण्य के भागी बनें।

सर्वशक्तिमान शिव स्वरूप बाबा गिरवर नाथ की जय। और आप सबों की महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।

03/01/2019

*दुनिया के सबसे धनवान व्यक्ति बिल गेट्स से किसी ने पूछा - 'क्या इस धरती पर आपसे भी अमीर कोई है ?*_

_*बिल गेट्स ने जवाब दिया - हां, एक व्यक्ति इस दुनिया में मुझसे भी अमीर है।*_

_*कौन ---!!!!!*_

_*बिल गेट्स ने बताया:*_
_*एक समय मे जब मेरी प्रसिद्धि और अमीरी के दिन नहीं थे, मैं न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर था.. वहां सुबह सुबह अखबार देख कर, मैंने एक अखबार खरीदना चाहा,पर मेरे पास खुदरा पैसे नहीं थे.. सो, मैंने अखबार लेने का विचार त्याग कर उसे वापस रख दिया.. अखबार बेचने वाले लड़के ने मुझे देखा, तो मैंने खुदरा पैसे/सिक्के न होने की बात कही.. लड़के ने अखबार देते हुए कहा - यह मैं आपको मुफ्त में देता हूँ..*_

_*बात आई-गई हो गई.. कोई तीन माह बाद संयोगवश उसी एयरपोर्ट पर मैं फिर उतरा और अखबार के लिए फिर मेरे पास सिक्के नहीं थे।उस लड़के ने मुझे फिर से अखबार दिया, तो मैंने मना कर दिया। मैं ये नहीं ले सकता.. उस लड़के ने कहा, आप इसे ले सकते हैं, मैं इसे अपने प्रॉफिट के हिस्से से दे रहा हूँ.. मुझे नुकसान नहीं होगा। मैंने अखबार ले लिया......*_

_*19 साल बाद अपने प्रसिद्ध हो जाने के बाद एक दिन मुझे उस लड़के की याद आयी और मैंने उसे ढूंढना शुरू किया। कोई डेढ़ महीने खोजने के बाद आखिरकार वह मिल गया। मैंने पूछा - क्या तुम मुझे पहचानते हो ?*_

_*लड़का - हां, आप मि. बिल गेट्स हैं.*_

_*गेट्स - तुम्हे याद है, कभी तुमने मुझे फ्री में अखबार दिए थे ?*_

_*लड़का - जी हां, बिल्कुल.. ऐसा दो बार हुआ था..*_

_*गेट्स- मैं तुम्हारे उस किये हुए की कीमत अदा करना चाहता हूँ.. तुम अपनी जिंदगी में जो कुछ चाहते हो, बताओ, मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरी करूंगा..*_

_*लड़का - सर, लेकिन क्या आप को नहीं लगता कि, ऐसा कर के आप मेरे काम की कीमत अदा नहीं कर पाएंगे..*_

_*गेट्स - क्यूं ..!!!*_

_*लड़का - मैंने जब आपकी मदद की थी, मैं एक गरीब लड़का था, जो अखबार बेचता था..*_
_*आप मेरी मदद तब कर रहे हैं, जब आप इस दुनिया के सबसे अमीर और सामर्थ्य वाले व्यक्ति हैं.. फिर, आप मेरी मदद की बराबरी कैसे करेंगे...!!!*_

_*बिल गेट्स की नजर में, वह व्यक्ति दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति से भी अमीर था,*_ _*क्योंकि-----*_
_*"किसी की मदद करने के लिए, उसने अमीर होने का इंतजार नहीं किया था "....*_

अमीरी पैसे से नहीं दिल से होती है दोस्तों किसी की मदद करने के लिए अमीर दिल का होना भी बहुत जरूरी है ☺

01/11/2018

धीरे धीरे पढिये पसंद आएगा...

1👌मुसीबत में अगर मदद मांगो तो सोच कर मागना क्योंकि मुसीबत थोड़ी देर की होती है और एहसान जिंदगी भर का.....

2👌कल एक इन्सान रोटी मांगकर ले गया और करोड़ों कि दुआयें दे गया, पता ही नहीँ चला की, गरीब वो था की मैं....

3👌जिस घाव से खून नहीं निकलता, समझ लेना वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है..

4👌बचपन भी कमाल का था खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर, आँख बिस्तर पर ही खुलती थी...

5👌खोए हुए हम खुद हैं, और ढूंढते भगवान को हैं...

6👌अहंकार दिखा के किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है कि माफ़ी मांगकर वो रिश्ता निभाया जाये....

7👌जिन्दगी तेरी भी अजब परिभाषा है.. सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है...

8👌खुशीयाँ तकदीर में होनी चाहिये, तस्वीर मे तो हर कोई मुस्कुराता है...

9👌ज़िंदगी भी वीडियो गेम सी हो गयी है एक लेवल क्रॉस करो तो अगला लेवल और मुश्किल आ जाता हैं.....

10👌इतनी चाहत तो लाखों रुपये पाने की भी नही होती, जितनी बचपन की तस्वीर देखकर बचपन में जाने की होती है.......

11👌हमेशा छोटी छोटी गलतियों से बचने की कोशिश किया करो, क्योंकि इन्सान पहाड़ो से नहीं पत्थरों से ठोकर खाता है..

​मनुष्य का अपना क्या है ?​
​जन्म :-​ दुसरो ने दिया
​नाम :-​ दुसरो ने रखा
​शिक्षा :-​ दुसरो ने दी
​रोजगार :-​ दुसरो ने दिया और
​शमशान :-​ दुसरे ले जाएंगे
तो व्यर्थ में घमंड किस बात पर करते है लोग???????

02/09/2018

बेटी बचाये बेटी पढ़ाये बेहतर स्वास्थ्य के लिए श्री जल अपनाये👇👇👇

एक इलाके में एक भले आदमी का देहांत हो गया लोग अर्थी ले जाने को तैयार हुये और जब उठाकर श्मशान ले जाने लगे तो एक आदमी आगे आया और अर्थी का एक पाऊं पकड़ लिया। और बोला के मरने वाले से मेरे 15 लाख लेने है, पहले मुझे पैसे दो फिर उसको जाने दूंगा।
अब तमाम लोग खड़े तमाशा देख रहे है, बेटों ने कहा के मरने वाले ने हमें तो कोई ऐसी बात नही की के वह कर्जदार है, इसलिए हम नही दे सकतें मृतक के भाइयों ने कहा के जब बेटे जिम्मेदार नही तो हम क्यों दें।
अब सारे खड़े है और उसने अर्थी पकड़ी हुई है, जब काफ़ी देर गुज़र गई तो बात घर की औरतों तक भी पहुंच गई। मरने वाले कि एकलौती बेटी ने जब बात सुनी तो फौरन अपना सारा ज़ेवर उतारा और अपनी सारी नक़द रकम जमा करके उस आदमी के लिए भिजवा दी और कहा के भगवान के लिए ये रकम और ज़ेवर बेच के उसकी रकम रखो और मेरे पिताजी की अंतिम यात्रा को ना रोको।
मैं मरने से पहले सारा कर्ज़ अदा कर दूंगी। और बाकी रकम का जल्दी बंदोबस्त कर दूंगी। अब वह अर्थी पकड़ने वाला शख्स खड़ा हुआ और सारे लोगो से मुखातिब हो कर बोला: असल बात ये है मरने वाले से 15 लाख लेना नही बल्के उनके देना है और उनके किसी वारिस को में जानता नही था तो मैने ये खेल खेला , अब मुझे पता चल चुका है के उसकी वारिस एक बेटी है और उसका कोई बेटा या भाई नही है।

👌🏻👌🏻मत मारो तुम कोख में इसको
इसे सुंदर जग में आने दो,
छोड़ो तुम अपनी #सोच ये छोटी

इक माँ को #ख़ुशी मनाने दो,
बेटी के आने पर अब तुम
घी के दिये जलाओ,
आज ये #संदेशा पूरे जग में फैलाओ
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ।

12/08/2018

बारिश हमेशा खुशहाली का पैगाम लेकर आती है, बारिश जहाँ एक ओर हरियाली और सुंदरता लेकर आती है, दूसरी तरफ यही बारिश बीमारियों की झड़ी लगा जाती है। हर तरफ पानी का जमाव, दूषित पेयजल और कीट पतंगों की भरमार कई तरह की बीमारियों को खुला निमंत्रण देते दिखायी देते हैं। ऐसे में हम सब के लिए जरूरी हो जाता है कि बरसात के आनंद के साथ-साथ सेहत की देखरेख पर भी समय दें और रोगों से बचाव के लिए घरेलू उपचारों को अपनाने की कवायद करें।

बरसात की पहली फुहारें मौसम को ठंडा जरूर कर देती हैं लेकिन जैसे ही बरसात थमती है और जमीन पर खिली हुई धूप पड़ती है, मौसम में उमस आ जाती है और यही वो समय होता है जब रोगकारक सूक्ष्मजीवों और कीट- मच्छरों आदि की वृद्धि तेजी से होती है और फिर मलेरिया, डेंगू, हैजा, टायफायड, पीलिया और खाज-खुजली जैसे रोग होने की संभावनाएं भी प्रबल हो जाती है।

इन सभी रोगों के होने का मुख्य कारण यह है कि बारिश के कारण मौसम में आई नमी, गड्ढों और पोखरों में जमा हुए पानी में बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव तेजी से पनपते हैं। ऐसे मौसम में जहाँ हवा में ही बैक्टीरिया और रोगजनित कीटाणु फैल रहे हों, कोई भी बीमार हो सकता है। बच्चों के लिए यह मौसम बारिश की बूँदों का मजा देने के लिए आता है, साथ ही बीमारियों की चेतावनी भी लाता है। ऐसे में जरूरत है थोड़ा सचेत रहने की, खान-पान में सावधानियां बरतने की और हमारे निवास के आस-पास साफ सफाई की।

श्री जल आप तमाम अपनों से विनम्रतापूर्वक निवदेन करता है कि हमेशा ही शुद्ध एवम गुणवत्तापूर्ण पेय जल का उपयोग करें। आपके स्वस्थ जीवन की कामना के साथ श्री जल हमेशा आपको गुणवत्ता पूर्ण सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।।

06/06/2018

*Nice Story*..✍😢

" *बेटा अपने बूढ़े बाप को अनाथआश्रम छोड़कर वापस जा रहा था तो उसकी बीवी ने फ़ोन किया और कहा* " *अपने बाप को ये भी कह दो कि त्यौहार पर भी घर आने की आवश्यकता नहीं, अब वहीं रहें और हमें शांति से जीने दें*",
*बेटा वापस मुड़ा और अनाथआश्रम गया तो देखा कि उसका बाप अनाथआश्रम के मैनेजर के साथ ख़ुश गप्पों में व्यस्त है और वो यूं बैठे थे जैसे बरसों से एक दूसरे को जानते हों*।
*बेटे ने पूछा सर, आप मेरे पिता को किस त़रह़ और कब से जानते हैं*?
*उसने मुस्कराते हुए जवाब दिया, "जब ये अनाथालय से आपको गोद लेने आए थे*"

04/05/2018

अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देश में क्या क्या हो रहा है, ऐसा लग रहा है मानो हर आदमी खुद ही सरकार और कानून है। मगर ये तो होना ही था। सियासत करने वालों ने हर अवाम की सोच को सिर्फ सत्ता के लोभ, लालच के लिए पता नही कितने हिस्सों में बांट दिया है। आज जिसे जो मर्जी आता है कर रहा है, चाहे वह समाज के खिलाफ हो देश के खिलाफ हो या खुद के हित को छोड़कर बांकी मानवता के खिलाफ हो। आज एक संस्थान जिन्ना की तस्वीर में उलझा है। जहाँ ज्ञान और छात्रों के भविष्य निर्माण की बातें होनी चाहिए उस संस्थान से एक ऐसा मुद्दा निकल कर आता है जो आज बहस का मुद्दा बन गया है। कोई कभी मंदिर की बात करता है, कभी मस्जिद की। कभी आरक्षण के नाम पर तो कही धर्म के नाम पर देश को जलने के लिये छोड़ दिया जा रहा है। सरकार का कोई नियंत्रण ही नही है कानून व्यवस्था पर ऐसा नही है, सच्चाई ये है कि वो नियंत्रण ही नही करना चाहती है। राजनीतिक लोग सिर्फ मंद मंद मुस्कुराते हुए तब तक तमाशा देखते हैं जब तक उन्हें ये यकीन नही हो जाता है कि अब फायदे का काम हो गया। फिर उसके बाद कहेंगे कानून अपना काम कर रहा है। आज मेरा सिर्फ एक सवाल है कि जिसकी इजाजत हमारा कानून नही देता है वही काम आज कदम कदम पर हो क्यों रहा है? निश्चित तौर पर सरकार में इच्छाशक्ति ही नही है नही तो किसी की क्या मजाल जो ऐसा काम करे जो कानून के खिलाफ हो देश के खिलाफ हो। अगर इच्छाशक्ति है तो फिर देश और संविधान के खिलाफ काम करते हैं उनके लिये देशद्रोह का कानून बनाकर 90 दिनों में कठोरतम सजा का प्रावधान कीजिए ना। सीधी सी बात है जो मेरे देश और संविधान को स्वीकार्य ही नही है उस पर बात करने की भी आजादी कैसे हो सकती है वो भी देश के अंदर। अगर इसको आप अभिव्यक्ति की आजादी कहए है तो निश्चित रूप से ये किसी और देश की मानसिक और वैचारिक गुलामी है।
** शेष फिर कभी अपने अगले पोस्ट में "अखिल" ***

27/04/2018

सियासत में कोई अपना है ना पराया है,
आज उन्ही के कंधे पे सर है,
कल जिसने कुर्सी से गिराया है।
क्या करेंगे ये वफादारी मुल्क से,
सब ने सदियों से लूट के खाया है।।

19/04/2018

कठुआ सिसक रहा है,
रो रहा उन्नाव है।
चढ़ा दो फाँसी पे उनको,
जिनका दिया ये घाव है।।

मत भूलो बेटियां सब की होती है,
घर की खुशी , देन रब की होती है।
जरा झांक कर देख भी लिया करो, अपनी गली
आजकल नेक नजर कहाँ सब की होती है।।

वक्त है घर से निकल कर हिला दो निजाम को,
मत भूलो, बता दो अपने पैगाम को।
गुनाहगार कोई भी हो, फाँसी से कम मंजूर नही
दुनिया भी तो देखे बुरी नजर के अंजाम को।।

--- कठुआ और उन्नाव के लिए समर्पित----

14/04/2018

दही का इन्तजाम

गुप्ता जी जब लगभग पैंतालीस वर्ष के थे तब उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया था। लोगों ने दूसरी शादी की सलाह दी परन्तु गुप्ता जी ने यह कहकर मना कर दिया कि पुत्र के रूप में पत्नी की दी हुई भेंट मेरे पास हैं, इसी के साथ पूरी जिन्दगी अच्छे से कट जाएगी।

पुत्र जब वयस्क हुआ तो गुप्ता जी ने पूरा कारोबार पुत्र के हवाले कर दिया। स्वयं कभी मंदिर और आॅफिस में बैठकर समय व्यतीत करने लगे।

पुत्र की शादी के बाद गुप्ता जी और अधिक निश्चित हो गये। पूरा घर बहू को सुपुर्द कर दिया।

पुत्र की शादी के लगभग एक वर्ष बाद दुपहरी में गुप्ता जी खाना खा रहे थे, पुत्र भी ऑफिस से आ गया था और हाथ–मुँह धोकर खाना खाने की तैयारी कर रहा था।

उसने सुना कि पिता जी ने बहू से खाने के साथ दही माँगा और बहू ने जवाब दिया कि आज घर में दही उपलब्ध नहीं है। खाना खाकर पिताजी ऑफिस चले गये।

पुत्र अपनी पत्नी के साथ खाना खाने बैठा। खाने में प्याला भरा हुआ दही भी था। पुत्र ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और खाना खाकर स्वयं भी ऑफिस चला गया।

लगभग दस दिन बाद पुत्र ने गुप्ता जी से कहा- ‘‘ पापा आज आपको कोर्ट चलना है,आज आपका विवाह होने जा रहा है।’’

पिता ने आश्चर्य से पुत्र की तरफ देखा और कहा-‘‘बेटा मुझे पत्नी की आवश्यकता नही है और मैं तुझे इतना स्नेह देता हूँ कि शायद तुझे भी माँ की जरूरत नहीं है, फिर दूसरा विवाह क्यों?’’

पुत्र ने कहा ‘‘ पिता जी, न तो मै अपने लिए माँ ला रहा हूँ न आपके लिए पत्नी,
मैं तो केवल आपके लिये दही का इन्तजाम कर रहा हूँ।

कल से मै किराए के मकान मे आपकी बहू के साथ रहूँगा तथा ऑफिस मे एक कर्मचारी की तरह वेतन लूँगा ताकि आपकी बहू को दही की कीमत का पता चले।’’🙏🏻

नई पीढी से करबद्ध निवदेन है कि अपने घर मे, समाज मे, अपने आसपास रहने वाले सभी बुजुर्गों का हृदय से सम्मान करें, ताकि आपकी आने वाली पीढ़ी आपका सम्मान करना सीख सके, आपके दिए संस्कार को अपने व्यवहार में उतार सके। शुभ रात्रि।

10/04/2018

ना जाने आज भी क्यो,
उम्मीदों के दिये जल रहे है।
वक्त सचमुच बदल रहा है,
या की सिर्फ हम बहल रहे हैं।।

आज भी एक झोका हवा का आया था,
कम्बख्त तेरी गली की खुशबू लाया था।
दिल हक़ीक़त से दूर ख्यालों में जा बैठा,
और हम तन्हा तन्हा पिघल रहें हैं।।

खैर जाने भी दीजिए,
जानते हैं, हक़ीक़त की जमीन बंजर है।
वक्त तो लगेगा, पर दुनियादारी सीख जाऊंगा,
अभी हम "तन्हा" गिर-गिर के सम्हल रहें हैं।।
...................Tanha............

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