26/08/2024
*योगेश्वर कृष्ण,लक्ष्य केंद्रित कृष्ण, उपदेशक कृष्ण, रणछोड़ कृष्ण, गोवर्धन धारी कृष्ण, राधा-मीरा के कृष्ण, कूटनीतिक कृष्ण, पशुपालक कृष्ण, भाई कृष्ण, मित्र कृष्ण, उद्धारक कृष्ण, मुरलीधारी कृष्ण, विजेता कृष्ण, राजा कृष्ण, वीर कृष्ण, गोकुल-ब्रज-मथुरा-द्वारका के कृष्ण, प्रगतिशील कृष्ण, संहारक कृष्ण,शिष्य कृष्ण और भक्त वत्सल कृष्ण।*
*कृष्ण भगवान हैं या महापुरुष या किसी रचयिता की कल्पना यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना महत्वपूर्ण है उनके चरित्र के विभिन्न आयामों से सीखना।कृष्ण प्रत्यक्ष या परोक्ष दोनों रूपों से हमें सीखाते हैं - लक्ष्य केंद्रित होना, उस लक्ष्य के लिए कुछ भी त्याग करने के लिए सहर्ष तैयार होना, निर्भय होना,उच्च पद- प्रतिष्ठा प्राप्त कर भी सरल होना, व्यक्ति के व्यक्तित्व का बहुआयामी होना, संयमी होना और वक्त के साथ चलना और संबंधों को निभाना।*
*ऐसे कृष्ण के जन्मोत्सव की आप सबको हार्दिक शुभकामनायें!!!*