18/10/2024
यदि आप नौकरी करते हैं तो आप हर माह अपने वेतन की फिक्सड राशि ईपीएफओ (EPFO) में जमा करते होंगे. वैसे तो ईपीएफओ में जमा राशि रिटायरमेंट के बाद मैच्योर होती है, लेकिन जरूरत के समय ईपीएफओ से रुपये निकाले जा सकते हैं.
इतना ही नहीं ईपीएफओ अपने सदस्यों को सुविधा देता है कि वे जरूरत के वक्त ईपीएफ फंड से निकासी करें. वहीं आंशिक निकासी की एक सीमा तय की गई है. यदि आप अपने ईपीएफ खाते से रुपये निकालने के बारे में सोच रहे हैं तो हाल ही में हुए ईपीएफओ के निकासी नियमों में संशोधन के बारे में जान लें.
क्या हैं ईपीएफ निकासी नए नियम 2024
ईपीएफ से आंशिक निकासी के लिए ईपीएफ मेंमर को ऑनलाइन अप्लाई करना होगा. यह राशि एजुकेशन, घर खरीद या निर्माण, शादी के अलावा इलाज के लिए ही निकासी की जा सकती है.
ईपीएफओ के निकासी नियमों के मुताबिक EPF धारक रिटायरमेंट से 1 साल पहले 90 प्रतिशत तक की निकासी कर सकता है. 90 प्रतिशत की निकासी के लिए सदस्य की आयु 54 साल से अधिक होनी चाहिए.
कई कंपनियों के द्वारा आज के समय में छंटनी की जाती है. लेकिन ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक यदि छंटनी होती है और कर्मचारी रिटायर होने से पहले ही बेरोजगार हो जाता है तो वह ईपीएफ फंड से रुपये निकास सकता है.
इसके अलावा कर्मचारी एक महीने के बेरोजगारी के बाद 75 प्रतिशत और लगातार 2 महीने बेरोजगार रहने पर पूरी राशि को निकाल सकता है.वहीं,नई नौकरी लगने के बाद कर्मचारी बचे हुए 25 प्रतिशत फंड को नए ईपीएफ अकाउंट में ट्रांसफर कर सकता है.
इतना ही नहीं कोई कर्मचारी लगातार 5 साल तक ईपीएफ में योगदान करता है तो उसे निकासी के समय टैक्स बेनिफिट का भी लाभ मिलता है. वहीं,मैच्योरिटी से पहले निकासी पर टीडीएस काटा जाएगा. हालांकि, 50,000 रुपये से कम की निकासी करने पर टीडीएस नहीं कटता है.
निकासी के लिए ईपीएफ सदस्य ने पैन कार्ड जमा किया है तो 10 फीसदी की टीडीएस कटौती होती है. वहीं, पैन कार्ड जमा नहीं करने पर 30 प्रतिशत की कटौती होती है.
आंशिक निकासी के लिए कहां अप्लाई करें
ईपीएफ मेंबर को आंशिक निकासी के लिए ईपीएफ पोर्टल और उमंग ऐप पर आवेदन करना होगा. वहीं नियोक्ता से मंजूरी मिल जाने के बाद सदस्य के बैंक खाते में पैसे आ जाते हैं. आंशिक निकासी के लिए आवेदन देने के बाद सदस्य स्टेटस भी चेक कर सकता है.