26/06/2023
अजमेर के बुद्धिजीवियों का भी गजब चश्मा है
अपनी पार्टी के अलावा सारे काम बकवास और फर्जी लगते है
फिर भले ही अजमेर को खून के आंसू क्यों ना रोने पड़े
हा पार्टी में पद और चुनाव में टिकट का जो सवाल है लंबी लाइन है सभी रेवड़ियां खाने को तैयार है
जिस दिन लोग अपनी पार्टियों को छोड़कर अजमेर की आवाज बन जायेंगे उस दिन अपना अजमेर सही मायने मे अपनी विरासत और गौरव के अनुरूप होगा
अभी अजमेर पूरा डूबा पड़ा है और सामने मानसून है पीने का पानी चौथे दिन आ रहा है गंदगी नाले टूटी सड़के शहर में जगह जगह जाम अधिकारी और जनप्रतिनिधि सही मायने में अजमेर का दौरा करे तो सैकड़ों समस्याएं मिल जाएंगी, किसी को लगता है अजमेर स्मार्ट हो गया है सिर्फ ऊपर ऊपर से दिखाया जा रहा है युवा मोबाइल में लगे हुए है चौपाटी और 7 वंडर पर वीडियो बना रहे है माता पिता घर चलाने की जद्दोजहद में है
कोई मन की बात मे लगा है कही फिल्मे दिखाई जा रही है कही होटलो में मीटिंग चल रही है कही नेता आपस मे उलझ रहे है कोई नेताओ की जी हुजूरी में लगा है सब आगे बढ़ने की होड़ मे लगे है
और अपना अजमेर शहर और शहरवासी इन सबमे उलझ के रह जाता है आखिर मे हाथ आती है सिर्फ समस्याएं
सुना है जो आवाज उठाता है उसे धमकियां भी मिल रही है यही होता है जब जनता मूकदर्शक बनी रहती है जिम्मेदार लोग बेखौफ दादागिरी से मजे लूटते है
अब समय आ गया है अजमेर की जनता को एक हाथ में माला और एक हाथ में जूता रखने का, आगे सब समझदार है
मूल बात यह है की अजमेर की राजनीति को कोई मजबूत नेता वो भी अजमेर का लोकल चाहिए जो यहा की लोकल समस्याओ और लोगो की जानकारी रखता हो
जय हिंद जय भारत जय मां भवानी हर हर महादेव