28/02/2026
प्रेम का मौन और कृष्ण की पीड़ा ✨
"मेरे होठों पर सजी बांसुरी की धुन तो,
पूरी दुनिया ने सुनी,
पर मेरे हृदय का वह एकांत... हे राधे,
मेरा दर्द शायद तुम भी समझ न सकीं।" 🦚
कृष्ण का जीवन सिर्फ रासलीला नहीं है, यह एक बहुत बड़े त्याग और वियोग की गाथा भी है। गोकुल छोड़ने के बाद की वह खामोशी, जो कृष्ण ने उम्र भर अपने भीतर समेट ली, वह प्रेम का सबसे गहरा और कठिन रूप है। जब प्रेम में दूरी ही नियति बन जाए, तो वह दर्द शब्दों में नहीं कहा जा सकता। 💔