06/04/2020
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हमारी समझदारी इसी में हैं कि जहाँ तक हो सके घर के बाहर न निकले सादा हल्का खाना खाए ।
रसना ( जीभ )को काबू में रखें ।अपने सीमित साधनों में ही गुजर बसर करलें इसमें अधिक बुद्धिमता है ।
इन दिनों मौसम परिवर्तन के चलते सर्दी , खांसी बुखार बहुत आम बात हो गई है और ऊपर से मंडराता कोरोना वायरस का खतरा । जरा सी खांसी बुखार में यही विचार आता की कहीं कोरोना तो नहीं हो गया ।
इस कोरोना परिक्षण के लिए घर में 5-10 ग्राम अजवायन का सत् जरूर रखे । यह परचूनी की दुकान पर सहज उपलब्ध हो जाता है ।
एक लीटर करीब पानी उबालें फिर उसे नीचे उतार कर उसमें चने बराबर अजवायन का सत् मिला दे और सिर पर टावेल डालकर एक मिनट इन्हेलेशन ले लेवें।
इस इन्हेलेशन से बंद नाक फौरन खुल जाएगी , सर्दी बुखार में राहत मिल जाएगी । इस इन्हेलेशन से कफ भी पिघलकर बाहर आ जाता है ।
एक बार के इस घोल में पूरा परिवार भी प्रिकाशनरी इन्हेलेशन ले सकता है । गले में जमे बलगम की सफाई भी हो जाती है ।
हां इस इन्हेलेशन को लेने के लिए थोड़ा मजबूती से काम लेना होगा क्योंकि प्रथम बार में आंखों में हल्की जलन ,और मामूली ठसका लग सकता है ।
और इस कोरोना प्रकोप के चलते यदि रोज सुबह या शाम को पूरा परिवार एक साथ यह इन्हेलेशन ले लेवें तो कोरोना वायरस से सुरक्षा भी बने रहेगी ।
*दूसरी महत्वपूर्ण बात*
यदि इस महामारी से सुरक्षित रहना है तो घर की देहलीज के अन्दर एक राई का दाना भी बाहर से नहीं आने पाए । अखबार , दूध, सब्जी , तक से परहेज करें तौबा करें ।
बिना दूध की चाय ।
चाय का पानी गैस पर चढ़ाएं । उसमें 3-4 लौंग ,या 4-6 तुलसी के पत्ते या सौंफ या 1-2 इलायची , या दालचीनी का आधा इंची टुकड़ा या पोदीना, या जीरा , या नींबू की 4-6 पत्ती डालकर उबालें उबलने के बाद मामूली सी चुटकीभर चायपत्ती डालकर ढक्कन लगा देवें और गैस बंद कर देवें ।
अब नीचे उतार कर कप में छान लेवें । और शक्कर या गुड़ या शहद ऊपर से मिलाए । होसके तो 2-3 बूंद नींबू का रस या आधा चम्मच लेमन स्कवैश मिला कर यह चाय पीए ।
इस चाय को पीने से दूध से मुक्ति , यह वजन कम करती है एंटी कैंसर , एंटी हार्ट डिसीज, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने वाली तथा पेट के रोग को मिटाने वाली सस्ती किफायती चाय है ।
इस लाक डाऊन की कोई निश्चिंतता नहीं है सो इन बेशकीमती फुरसत के दिनों में घर की छत पर या बगीचे में या गमलों में या टूटे फूटे पुराने डब्बा डब्बी ,मिट्टी के कुल्हड़ या प्लास्टिक के पुराने डब्बे बाल्टी में सब्जी उगाना शुरु कर देंवे ।
घर में ही मैथीदाना, खड़ा धनिया , खड़े मूंग , खड़ी उडद, चवला , राजमा , चने , गेहूँ मक्का मिल जाएंगे । बाजार से भी लाने की जरुरत नहीं । बस इन चीजों को लगा दिजिए ।
अगर मिट्टी खाद की समस्या है तो मात्र पानी से हाईड्रोपोनिक पद्धति से बिना मिट्टी के भी सब्जी उगा सकते है ।
इस पद्धति का प्रेक्टीकल प्रशिक्षण कल मिल जाएगा ।
*तीसरी महत्वपूर्ण बात*
इस बात पर विशेष चिंतन करें कि बिना बाजार से सब्जी लाए आप कितने तरह की सब्जी बना सकते हैं ।
1. दाल तुवर
2. दाल मूंग
3. दाल उड़द
4. दाल मसूर
5. दाल चना
इन सभी दालों को भी अलग अलग तरीकों से भी बनाया जा सकता है जैसे
6. गुजराती दाल
7. राजस्थानी दाल
8. पंजाबी दाल
9. दक्षिणभारतीय दाल
10. मालवी दाल
11. निमाड़ी दाल
12. कशमीरी दाल
13. पहाड़ी दाल
14.पनचटिया दाल
15. दाल मखानी
16. दाल नवाबी
17. दाल गुस्ताखी
18. दाल मेहरबानी
19. खडे़ मूंग
20. खडी़ उड़द
21. मोठ
22. चवला
23. राजमा
24. मैथीदाना
25. आटे की सब्जी
26. बेसन सूखा
27. बेसन गीला
28. भजिया कढ़ी ( बिना दही छाछ के)
29. बेसन कट्टे
30. बाफा बेसन
31. अंकुरित मूंग
32. अंकुरित चना
33. अंकुरित मोठ
34. अंकुरित चवला
35. अंकुरित मेथीदाना
36. अंकुरित उड़द
37. अंकुरित मूमफली दाने
39. पापड़ की सब्जी
40. मूंग बड़ी
41. सोया बड़ी
42. यदि घर में सहजन का पेड़ हो तो उसकी पत्तियों की सब्जी
गमलों या बगीचे में
कुल्फा , नुलखा, चौलाई, चीला ,पुवाड़ीया , अरबी पत्ते ढूंढे जा सकते है ।
घर के अंदर सुरक्षित जीवन है ।
घर के बाहर रिस्क तो है ही ।
आज संपूर्ण जगत विश्व नरसंहार, विश्व युद्ध, अनियंत्रित महामारी की कगार पर पहुंच गया है ।
आज के समय में
तीक्ष्ण बुद्धि
अथाह संयम
पूर्ण विवेक
चैतन्य चित्त
पवित्र मन
सबल शरीर
स्वस्थ स्वास्थ्य
कि नितांत आवश्यकता है ।
तभी इस सृष्टि को बचा पाएंगे ।
मुझे तो कभी कभी यह भी विचार आ ही जाता है क्या इस वर्ष मैं दिपावली मना सकूंगा ।
इति तथास्तु ।
कुछ और जानकारी के लिए
सुबह 6से शाम 6 के बीच फोनकर सकते है.।
Dr Ram R K
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